
भरत भूषण तिवारी की मौत से रोषः मेधा ने किया दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कराने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग
बस्ती। सोमवार को मेधा पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीनदयाल तिवारी के नेतृत्व में पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने बिहार के भोजपुर निवासी भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के विरोध में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। मांग किया कि मामले की उच्च स्तरीय जांच के साथ ही दोषी पुलिस कर्मियों पर मुकदमा दर्ज कर पीड़ित परिवार को सरकार द्वारा 5 करोड़ का मुआवजा दिया जाय। मेधा के इस प्रदर्शन को कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ज्ञानू के साथ ही अन्य संगठनों ने समर्थन दिया।
ज्ञापन देने के बाद प्रवक्ता दीनदयाल तिवारी ने कहा कि भरत भूषण तिवारी की पुलिस द्वारा निर्मम हत्या की गई है, जो दुर्भाग्यपूर्ण और जघन्य अपराध है। इस प्रकार की घटनायें लोकतंत्र और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। कहा कि पुलिस की ऐसी कार्रवाई कानून पर हमला है और न्यायालयों की व्यवस्था का भी अपमान है।
मेधा ने राष्ट्रपति से मांग किया है कि भरत भूषण तिवारी की मौत की निष्पक्ष जांच उच्चतम न्यायालय के किसी अवकाश प्राप्त न्यायाधीश से कराई जाए। मेधा ने मांग किया कि भरत भूषण तिवारी की मौत का विरोध कर रहे परिजनों, विभिन्न संगठनों के लोगों के विरूद्ध दर्ज फर्जी मुकदमों को तत्काल वापस लेकर उत्पीड़न बंद कराया जाय। ज्ञापन देने के दौरान मुख्य रूप से रूद्र आदर्श पाण्डेय, वृजेश द्विवेदी, उमेश पाण्डेय ‘मुन्ना’, राहुल तिवारी, अंशू चौरसिया, राजेश चौधरी, गिरीश चन्द्र, नागेश मिश्र, संजय प्रधान, अवधेश मिश्र, शास्त्री, डी.सी. दूबे के साथ ही अनेक लोग शामिल रहे।









