वरिष्ठ_समाजसेवी_मनीष_मिश्रा_ने_100_युवाओं_को_दिया_रोजगार, अब_1,000

वरिष्ठ_समाजसेवी_मनीष_मिश्रा_ने_100_युवाओं_को_दिया_रोजगार, #अब_1,000

युवाओं_को_रोजगार_दिलाने_का_संकल्प

रिर्पोटर – इन्द्र भूषण चौबे 

बस्ती / जनपद!के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में वरिष्ठ समाजसेवी मनीष मिश्रा ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 100 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है। इस उपलब्धि के बाद उन्होंने अब बस्ती के करीब 1,000 युवाओं को रोजगार दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उनका कहना है कि युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना ही उनकी प्राथमिकता है।

मनीष मिश्रा ने बताया कि रोजगार की तलाश में युवाओं को दर-दर भटकने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। इसी सोच के साथ वह लगातार विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों और कंपनियों से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि असम और अरुणाचल प्रदेश की कई स्टील फैक्ट्रियों में उनके विश्वसनीय सहयोगी कार्यरत हैं, जहां बस्ती के करीब 1,000 युवाओं को रोजगार दिलाने की तैयारी की जा रही है। इन युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार 20,000 से 30,000 प्रतिमाह तक वेतन मिलने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि रोजगार मिलने से न केवल युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलने से जिले की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर विकास की नई संभावनाएं भी पैदा होंगी।

मनीष मिश्रा ने कहा कि उनका सपना बस्ती को “बेस से स्पेस तक” ले जाने का है। उनका विश्वास है कि यदि युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और मेहनत को सही दिशा मिले तो बस्ती देश के अग्रणी जनपदों में अपनी पहचान बना सकता है। उन्होंने कहा कि रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना ही वास्तविक सामाजिक सेवा है।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए अपने कौशल का विकास करें और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए उनका अभियान लगातार जारी रहेगा।

100 युवाओं को रोजगार दिलाने के बाद अब 1,000 युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य बस्ती के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। यदि यह पहल सफल होती है तो हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, पलायन में कमी आएगी और जनपद आत्मनिर्भरता व विकास की दिशा में एक नई पहचान स्थापित करेगा। मनीष मिश्रा की यह पहल जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायी मानी जा रही है।