
मातृभाषा का सम्मान सर्वोपरि- डीआईजी
हिन्दी के विकास की यात्रा को रोक पाना असंभव- विवेकानन्द मिश्र
रिर्पोटर – इन्द्र भूषण चौबे
बस्ती / हिन्दी दिवस के अवसर पर पूर्वांचल साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विकास संस्थान के तत्वावधान में सोमवार को प्रेस क्लब बस्ती के सभागार में विचार गोष्ठी एवं सारस्वत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस उपमहानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र संजीव त्यागी रहे। वरिष्ठ पत्रकार जयंत मिश्रा, अनुराग श्रीवास्तव एवं महेन्द्र तिवारी ने मुख्य अतिथि का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीआईजी संजीव त्यागी ने वर्तमान परिवेश में हिन्दी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मातृभाषा अपनी अंतरात्मा की अभिव्यक्ति का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि भारत में करोड़ों लोग हिन्दी बोलते और समझते हैं, जिससे हिन्दी एक बड़े जनसमूह की भाषा बन चुकी है। हिन्दी पूरे देश में व्यापक रूप से बोली, समझी और जानी जाती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भी हिन्दी को स्थान मिल रहा है, जो इसके विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मातृभाषा का सम्मान सदैव सर्वोपरि रहना चाहिए।
भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानन्द मिश्र ने हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृभाषा को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करने और समाज में जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है। उन्होंने आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के हिन्दी साहित्य में योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न दौर में अंग्रेजी को बढ़ावा मिला, लेकिन हिन्दी की विकास यात्रा कभी रुकी नहीं। उन्होंने कहा कि हिन्दी के विकास की यात्रा को रोक पाना असंभव है। यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रहनी चाहिए।
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सत्यव्रत एवं मजहर आजाद ने हिन्दी भाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि हिन्दी का भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने बस्ती जनपद की हिन्दी साहित्यिक परम्परा का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्ती की धरती साहित्यकारों से समृद्ध रही है। यहां के अनेक साहित्यकारों ने हिन्दी के विकास और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
वरिष्ठ पत्रकार जयंत मिश्रा ने कहा कि मातृभाषा के माध्यम से व्यक्ति अपनी भावनाओं और विचारों को सहजता से व्यक्त कर सकता है। हिन्दी से जुड़े करोड़ों लोग अपने दैनिक बोलचाल और कार्यव्यवहार में इसका प्रयोग करते हैं। हिन्दी की विकास यात्रा को और गति देने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप चन्द्र पाण्डेय ने कहा कि प्रत्येक भाषा का अपना महत्व है। जिस प्रकार प्रत्येक नदी का अपना स्वरूप और विशेषता होती है, उसी प्रकार हिन्दी की अपनी विशिष्ट पहचान है। हिन्दी हमारी मातृभाषा है और इसे जन-जन की भाषा बनाने के लिए व्यापक जागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हिन्दी दिवस केवल औपचारिक आयोजन का अवसर नहीं, बल्कि हिन्दी के प्रति सम्मान और संकल्प का उत्सव है।
कार्यक्रम को वरिष्ठ पत्रकार आलोक त्रिपाठी, राजेश चित्रगुप्त, अंजुम परवीन, बीएन शुक्ला सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। संस्थान के अध्यक्ष महेन्द्र तिवारी ने कहा कि हिन्दी निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। इसे और समृद्ध एवं व्यापक बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
कार्यक्रम का संचालन प्रेस क्लब अध्यक्ष विनोद कुमार उपाध्याय ने किया। उन्होंने बस्ती जनपद के हिन्दी साहित्य की समृद्ध परम्परा का परिचय कराते हुए हिन्दी को जन-जन तक पहुंचाने और दैनिक जीवन में अधिकाधिक अपनाने का आह्वान किया।
प्रसिद्ध शायर एवं कवि सलीम बस्तवी ने अपनी रचना ‘इस देश की सरहद की निगहबान है हिन्दी’ प्रस्तुत कर हिन्दी और राष्ट्र के प्रति प्रेम की भावना को और प्रबल किया। कवि अजीत श्रीवास्तव ‘राज’, राजेन्द्र सिंह ‘राही’, तेज प्रकाश शुक्ला, श्रीमती अंजू वर्मा सहित अन्य कवियों ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। डॉ. वीके वर्मा ने हिन्दी पर आधारित अपनी रचना सुनाते हुए लोगों से हिन्दी को अधिकाधिक अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि कृष्णदेव मिश्र ने की। उन्होंने कहा कि हिन्दी के विकास एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और साहित्यकारों व समाज के सभी वर्गों को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
समारोह में वरिष्ठ पत्रकार केडी मिश्र, आलोक त्रिपाठी, कवि दीपक सिंह ‘प्रेमी’, तेजप्रकाश शुक्ला, राजेन्द्र सिंह ‘राही’, सलीम बस्तवी ‘अजीजी’, अजीत श्रीवास्तव ‘राज’, डॉ. वीके वर्मा, बाल कवि गरिमा श्रीवास्तव, श्रीमती अंजु वर्मा (हिन्दी प्रवक्ता, जीजीआईसी) तथा अंजुम परवीन (हिन्दी प्रवक्ता, बेगम खैर गर्ल्स इंटर कॉलेज) को प्रमाण पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पत्रकार अनिल कुमार श्रीवास्तव, गोकरन नारायण पाण्डेय, सर्वेश श्रीवास्तव, राकेश चन्द्र श्रीवास्तव ‘बिन्नू’, सुनील सोनी, प्रमोद श्रीवास्तव, मो. कलीम, विपिन मिश्रा, सुनील मिश्र, पारसनाथ मौर्य, गणेश प्रसाद, ब्रह्मसेवक पाण्डेय, रमेश मिश्र, अमित सिंह, संतोष तिवारी, राजेश कुमार ओझा, विश्राम प्रसाद, रत्नेन्द्र पाण्डेय, विकास चौधरी, अजय पाल सिंह, रामसजन, कमीश मिश्र, इन्द्रभूषण चौबे, दिनेश कुमार पाण्डेय, हनुमान प्रसाद, दिलीप सिंह, शैलेन्द्र कुमार, राधेकृष्ण द्विवेदी, देवानन्द पाण्डेय, केशवराम पाण्डेय, संध्या दीक्षित, रामअधार पाल, चन्द्रभूषण श्रीवास्तव, मनोज यादव, अर्जुन उपाध्याय, रत्नेश कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार पाण्डेय, दिनेश सिंह, लालू प्रसाद यादव, अरुण कुमार, कर्मचन्द्र यादव, वीर कुमार तिवारी, डॉ. नवीन सिंह, प्रमोद श्रीवास्तव, तवरेज आलम, राजकुमार श्रीवास्तव, चन्द्रप्रकाश शर्मा, अमरेश पाण्डेय, वरुण सिंह, विजय कुमार श्रीवास्तव, देवेन्द्र पाण्डेय, गणेश सोनी, संतोष पाल, अनिल सिंह, आनन्द कुमार गुप्ता, कृष्ण कुमार उपाध्याय, अभिनय कुमार दूबे, लवकुश यादव, दिलीप कुमार पाण्डेय, राजेन्द्र उपाध्याय, लवकुश सिंह, रजनीश त्रिपाठी, अश्वनी कुमार शुक्ल, कृष्ण चन्द्र शुक्ल, शहनशाह आलम, बृजवासी लाल शुक्ला, बृजमोहन शुक्ल, शिवप्रकाश गौड़, शिवराज सिंह, अनिल कुमार द्विवेदी, राहुल त्रिपाठी, हरिओम प्रकाश ‘लल्ला’, श्रीप्रकाश गुप्ता, राकेश सिंह, राजन कन्नौजिया, रितेश कन्नौजिया, इमरान अहमद अंसारी, आशुतोष नारायण मिश्र, जयप्रकाश उपाध्याय, वशिष्ठ पाण्डेय, अजय कुमार श्रीवास्तव, विकास कुमार पाठक, लालजी चौधरी, सुमित कुमार, महेश तिवारी, राजेश मिश्र, संतोष श्रीवास्तव, पंकज सिंह, अतुल कुमार सोनी, राहिल पाण्डेय, विवेक श्रीवास्तव, जयप्रकाश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, साहित्यकार एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।






