पैड़ा धाम से बागेश्वर धाम तक पैदल पहुंचे महंत गोविंद दास, हुई पं. धीरेंद्र शास्त्री से भेंट

 पैड़ा धाम से बागेश्वर धाम तक पैदल पहुंचे महंत गोविंद दास, हुई पं. धीरेंद्र शास्त्री से भेंट

बस्ती / जनपद के प्रसिद्ध पैड़ा धाम से निकलकर छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम तक की कठिन पैदल यात्रा पूर्ण कर महंत गोविंद दास ने भक्ति, संकल्प और सनातन आस्था की एक नई मिसाल कायम कर दी है। सैकड़ों किलोमीटर की इस तपस्वी यात्रा के दौरान उन्हें अनेक कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी अटूट श्रद्धा और हनुमान जी के प्रति अडिग विश्वास ने उन्हें हर बाधा को पार करने की शक्ति प्रदान की।

यात्रा के दौरान उनके पैरों में छाले पड़ गए, स्वास्थ्य भी प्रभावित हुआ, लेकिन उन्होंने अपने संकल्प से पीछे हटना स्वीकार नहीं किया। सूत्रों के अनुसार कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा यात्रा में व्यवधान उत्पन्न करने के प्रयास भी किए गए, किन्तु महंत गोविंद दास ने सभी बाधाओं को धैर्य और भक्ति के बल पर परास्त कर दिया।

सनातन परंपरा में यह माना जाता है कि जब भी कोई व्यक्ति धर्म और लोककल्याण के लिए आगे बढ़ता है, तब उसकी परीक्षा अवश्य होती है। महंत गोविंद दास की यह यात्रा भी उसी तपस्या और त्याग का प्रतीक बनकर उभरी है।

बागेश्वर धाम पहुंचकर उन्होंने कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से भेंट की तथा बस्ती सहित पूरे उत्तर प्रदेश की जनता के कल्याण और आध्यात्मिक उन्नति के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। माना जा रहा है कि उनके इस प्रयास से भविष्य में बस्ती जनपद में बागेश्वर धाम की कथा आयोजन का मार्ग भी प्रशस्त हो सकता है।

महंत गोविंद दास की यह पदयात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सेवा, त्याग और अटूट विश्वास का जीवंत उदाहरण बन गई है। संत समाज के प्रति समर्पण और जनकल्याण की भावना को चरितार्थ करते हुए उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि सच्ची भक्ति के आगे हर बाधा छोटी पड़ जाती है।